RSRराजस्थान सेवा नियम
What's New :           ☘ परीवीक्षाधीन(Probationers) ⇝परीवीक्षाधीन को अवकाश ⇝ परिवीक्षाधीन कार्मिकों द्वारा लिये जाने वाले असाधारण (अवैतनिक) अवकाश के संबंध में          ☘ अवकाश ⇝अध्ययन अवकाश (Study Leave) ⇝ Amendment of rule 112 - The Rajasthan Service (First Amendment) Rules, 2020.          ☘ अवकाश ⇝चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) ⇝ Rajasthan Service (Second Amendment) Rules, 2020 or Amendment of rule 103 C          ☘ News Update ⇝RCS(MA) RULE 2013 ⇝ Amendment in Rajasthan Civil Services (Medical Attendance) Rules, 2013 in A ppendix-1: List of 'Approved Hospitals5          ☘ News Update Amendment in Rajasthan Civil Services (Medical Attendance) Rules, 2013 in A ppendix-1: List of 'Approved Hospitals5
अवकाश > प्रसूति अवकाश (Maternity leave)
प्रसूति अवकाश-नियम 103



प्रसूति अवकाशः नियम 103 के अनुसार दो से कम उत्तरजीवी संतानों वाली किसी महिला राज्य कर्मचारी को 180 दिनों तक का प्रसूति अवकाश, उसके आरम्भ होने की तारीख से, स्वीकृत किया जा सकता है। यदि उसके द्वारा दो बार प्रसूति अवकाशों का उपभोग करने के उपरांत भी उसके कोई जीवित संतान नहीं हों तो ऐसे प्रकरण में एक बार और (अर्थात तीसरी बार) प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(6)एफडी(रूल्स)/ 2011 दिनांक 15 फरवरी 2012 द्वारा राजस्थान सेवा नियम 122-A(ii) में यह जाडा गया है कि महिला परीवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी को उपरोक्त नियम के तहत प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जायेगा।

प्रसूति अवकाश अस्थायी महिला कर्मचारी को भी देय है।

प्रसूति अवकाशों की अवधि में ऐसी महिला राज्य कर्मचारी को उस दर से अवकाश वेतन दिया जावेगा जो वह ऐसे अवकाश के आरम्भ होने के पर्व प्राप्त कर रही थी। यह पूर्ण वेतन पर स्वीकृत किया जायेगा। वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांकः एफ.6(2)वित्त/नियम/2008 दिनांक 22 जुलाई 2010 द्वारा महिला राज्य कर्मचारी को प्रसूति अवकाश की अवधि में 180 दिवस तक के अवकाश वेतन के साथ उसे वही मकान किराया भत्ता तथा उसी दर पर नगर क्षतिपूर्ति भत्ता देय होगा जो उसे

प्रसूति अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व प्राप्त हो रहे थे। प्रसूति अवकाश कर्मचारी के अवकाश लेखों में डेबिट नहीं किये जावेंगे बल्कि ऐसे अवकाश का उल्लेख उसकी सेवा पुस्तिका में पृथक रूप से किया जावेगा।

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(43)विवि ( ग्रुप-2)/83 दिनांक 14 जुलाई 2006 द्वारा नियम 103 के नीचे दी गयी एक टिप्पणी जोडी गयी है जिसके अनुसार किसी ऐसी महिला सरकारी  कर्मचारी जिसके दो से कम जीवित संतान है, मिसकैरिज (Miscarriage) सहित गर्भपात (Abortion) का मामला हो, सम्पूर्ण सेवा के दौरान या तो एक बार या दो बार, कुल 6 सप्ताह तक का प्रसूति अवकाश भी सस्वीकृत किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, यह अवकाश महिला सरकारी कर्मचारी को दो जीवित बच्चों से कम होने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा। चाहे गये अवकाश प्रार्थना-पत्र के साथ प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना आवश्यक है।

इस संबंध में राजस्थान सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रसूति अवकाश अस्थायी महिला कर्मचारी को भी अनुज्ञेय है लेकिन अधूरे गर्भपात के मामले में प्रसूति अवकाश देय नहीं है। राज्य सरकार ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि “गर्भपात” (Abortion) शब्द में "गर्भपात की आशंका” (Threatened Abortion) सम्मिलित नहीं माना जायेगा।

परिणामस्वरूप शंका वाले गर्भपात में प्रसूति अवकाश स्वीकार नहीं किया जायेगा।

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(9)एफडी(रूल्स)/98 दिनांक 21 अगस्त 2006 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों के परिशिष्ट- IX के  प्रविष्ठि क्रमांक 22 के नीचे यह अपवाद जोड़ा गया है कि प्रसूति अवकाश के मामले में, 4 माह का अवकाश स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी 180 दिन तक का भी अवकाश स्वीकृत करने हेत सक्षम होगा।

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(5)वित्त(नियम)/96 दिनांक 26 फरवरी 2002 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों में जोड़े गये नियम 104 के तहत प्रसूति अवकाश किसी अन्य प्रकार के अवकाशों के साथ भी लिया जा सकता है।

टिप्पणीः प्रसूति अवकाश ऐसी महिला राज्य कर्मचारी को उसके गर्भस्राव एवं गर्भपात के मामलों में भी स्वीकृत किया जा सकेगा, जिसके दो से कम जीवित संतान हों। ऐसा प्रसूति अवकाश कुल सेवाकाल में, अधिकतम दो बार, स्वीकृत किया जा सकेगा जिसकी, दोनों बार की मिलाकर, अधिकतम सीमा 6 सप्ताह तक की होगी। यह भी शर्ते रहेगी कि गर्भस्राव/गर्भपात के लिए प्रसूति अवकाश के प्रार्थना-पत्र के साथ राजकीय प्राधिकृत चिकित्सक का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।

Rajasthan Service Rule 103 -- Maternity Leave – Maternity leave may be granted to a female Government Servant with less than two surviving children upto a period of 135 days from the date of its commencement. However, if there is no surviving child even after availing it twice Maternity Leave may be granted on one more occasion. During such period she will be entitled to leave salary equal to pay drawn immediately before proceeding on leave. Such leave shall not be debited to the leave account but such entry should be made in the service book separately.

NOTE.

 Note : Maternity leave may also be granted to a female Government servant with less than two surviving children, in case of miscarriage including abortion either once or twice subject to total of six weeks during the entire service provided that the application for leave is supported by a certificate from the authorised medical attendant.

Government of Rajasthan's Decision

 1. Maternity leave is also admissible to temporary female Government servants under this Rule.

2. Maternity leave is not admissible in case of incomplete abortion.

"Clarification" - 'Abortion' does not include 'threatened abortion' and maternity leave cannot be granted in the case of threatened abortion.




Rate This Page :
Site Visitors : 000000

Page Visitors : 000000