What's New :           ☘ विशेष (Special) ⇝सेवा अभिलेख ⇝ राजकीय धन एवं संपत्ति के गबन, चोरी व दुर्विनियोजन मामलों में प्रभावी कार्यवाही हेतु दिशा-निर्देश          ☘ News Update ⇝वर्ष 2026 के सार्वजनिक अवकाश ⇝ Rajasthan Government Calendar 2026 (राजस्थान सरकार कैलेंडर 2026)          ☘ News Update ⇝राज्य बीमा पॉलिसी परिपक्व दावा प्रक्रिया | SIPF Claim Submission Process ⇝ राज्य बीमा पॉलिसी परिपक्व दावा प्रक्रिया | SIPF Claim Submission Process           ☘ HRA ⇝सरकारी आदेश: HRA और CCA भुगतान की समीक्षा एवं अधिक भुगतान की वसूली ⇝ Government Order: HRA & CCA Payment Review and Excess Recovery | Finance Department Notice          ☘ News Update ⇝वर्ष 2026 के सार्वजनिक अवकाश ⇝ सार्वजनिक अवकाश 2026: भारत/राज्य सरकार राजपत्रित छुट्टियों की सूची
फॉर्म/प्रपत्र > मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र

Site Visitors : 000000

Page Visitors : 000000
राजकीय धन एवं संपत्ति के गबन, चोरी व दुर्विनियोजन मामलों में प्रभावी कार्यवाही हेतु दिशा-निर्देश


राजकीय धन/संपत्ति के चोरी, गबन एवं दुर्विनियोजन मामलों में प्रभावी कार्यवाही

विभागों द्वारा चोरी, गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि की राशि की वसूली, पुलिस कार्यवाही एवं विभागीय जांच के विस्तृत निर्देश जारी करने के उपरांत भी प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके कारण भारत के नियत्रंक महालेखापरीक्षक द्वारा भी अपने प्रतिवेदन (राज्य वित्त) में प्रतिवर्ष आक्षेप गठित कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु मामला शासन के ध्यान में लाया जाता है। ऐसे मामलों में सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम 20 व 22 में विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी दर्शायी गयी है तथा परिशिष्ट-3 में कार्यवाही करने के भी स्पष्ट निर्देश है। चोरी गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि के प्रकरणों के त्वरित निस्तारण किये जाने हेतु वित्त विभाग द्वारा निम्नांकित पत्र/परिपत्र जारी किए गए है

1. अ.शा. टीप क्रमांक प.7(1) वित्त/अंकेक्षण/2002 दिनांक 19.01.2005

2. पत्र क्रमांक प.12 (11) वित्त / अकेक्षण 06 दिनांक 11.06.2005

3. पत्र क्रमांक 4.7 (1) वित्त/ अंकेक्षण/2002 दिनांक 26.06.2016

4.. पत्र क्रमांक 4.7 (1) वित्त/अंकेक्षण/2002 दिनांक 14.03.2017

उपरोक्त संदर्भित पत्रों द्वारा राजकीय धन एवं संपत्ति के चोरी, गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि के प्रकरणों में वसूली, पुलिस कार्यवाही एवं विभागीय जांच संबंधी विस्तृत निर्देश समय-समय पर जारी किए गए हैं। तथापि, यह देखा गया है कि अनेक विभागों द्वारा इन प्रकरणों में अपेक्षित प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है।

इस कारण भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा राज्य वित्त से संबंधित अपने प्रतिवेदनों में प्रतिवर्ष आक्षेप गठित कर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रकरण शासन के संज्ञान में लाए जा रहे हैं।

सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम 20 एवं 22 में विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है तथा परिशिष्ट-3 में ऐसे प्रकरणों में की जाने वाली कार्यवाही के भी स्पष्ट निर्देश निहित हैं।

अतः राजकीय धन/संपत्ति के चोरी, गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि के प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निम्नानुसार कार्यवाही किया जाना अनिवार्य होगा :–


आदेश / निर्देश

  1. प्रत्येक विभाग द्वारा चोरी, गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि की रोकथाम हेतु विभागीय स्तर पर एक सुदृढ़ कार्य प्रणाली विकसित की जाए तथा अधीनस्थ कार्यालयों में विभागीय आंतरिक जांच दलों के माध्यम से नियमित आंतरिक जांच कराना सुनिश्चित किया जाए। यदि आंतरिक जांच का कोई बैकलॉग लंबित हो तो उसे अविलंब पूर्ण कराया जाए।

  2. विभागों द्वारा समय पर बैंक से अंक मिलान, कोषागार से मिलान, रोकड़ बही का वाउचरों से सत्यापन, स्टोर का भौतिक सत्यापन तथा सामग्री की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कार्यवाही नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए।

  3. चोरी, गबन, दुर्विनियोजन अथवा हानि की जानकारी प्राप्त होते ही संबंधित महालेखाकार कार्यालय, प्रशासनिक विभाग, वित्त विभाग एवं निदेशक, निरीक्षण विभाग को अविलंब सूचित किया जाए तथा पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई जाए। प्रारंभिक जांच में गबन आदि की पुष्टि होने पर आवश्यकतानुसार विस्तृत जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करते हुए गबन राशि की वसूली की कार्यवाही की जाए।

  4. जिन प्रकरणों में न्यायालय में विचाराधीन कार्यवाही चल रही हो, उनमें विभाग द्वारा प्रभावी एवं समयबद्ध पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रकरणों का यथाशीघ्र निस्तारण कराया जा सके।

  5. यह सुनिश्चित किया जाए कि चोरी, गबन, दुर्विनियोजन, हानि एवं धोखाधड़ी से संबंधित प्रकरणों में दोषी अधिकारी/कर्मचारी के सेवा में रहते हुए ही नियमानुसार समस्त कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए, जिससे सेवानिवृत्ति उपरांत वसूली में उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों से बचा जा सके।

  6. गबन, चोरी एवं दुर्विनियोजन में संलिप्त कार्मिकों को तत्काल रोकड़ शाखा, स्टोर शाखा, राजस्व संग्रहण एवं लेखा संधारण जैसे दायित्वों से पृथक किया जाए तथा भविष्य में भी उन्हें ऐसे कार्य आवंटित न किए जाएं। साथ ही, संबंधित प्रकरणों से जुड़े समस्त अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए ताकि किसी प्रकार की हेराफेरी अथवा अभिलेखों के गुम होने की संभावना न रहे।


अतः समस्त संबंधित विभागाध्यक्षों से अपेक्षा की जाती है कि उपर्युक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए चोरी, गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि के प्रकरणों में प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे।

Write Your Comment :



*If you want receive email when anyone comment regarding this topic. Please provede email.
**your mobile no. and email will be confidential and we'll never share with others.